Breaking News
Home / top / BHU में प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति के समर्थन में उतरी प्रियंका गांधी, राजस्थान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कही ये बड़ी बात

BHU में प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति के समर्थन में उतरी प्रियंका गांधी, राजस्थान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कही ये बड़ी बात

नई दिल्ली. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में संस्कृत विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर डॉ. फिरोज खान (Prof Firoz Khan) की नियुक्ति को लेकर बवाल मचा हुआ है. इसी बीच उनके समर्थन में यूपी की पूर्व सीएम और बीएसपी चीफ मायावती (BSP Chief Maywati) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के बाद अब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत (Rajasthan Chief Minister Ashok Gehlot) आ गए हैं. बताना चाहते है कि गहलोत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि लिखा कि मुस्लिम समुदाय का व्यक्ति संस्कृत में स्कॉलर बना है. ऐसे में बीजेपी-आरएसएस सबको इसका स्वागत करना चाहिए था. साथ ही ये हिन्दू समाज के लिए गर्व की बात होनी चाहिए थी. बनारस तो गंगा-जमुनी संस्कृति का ध्वजवाहक माना गया है.

उन्होंने आगे लिखा कि हमारे देश में हिन्दू भी जाने-माने शायर हुए हैं, जब एक-दूसरे के धर्म में इस प्रकार से रूचि रखते हैं, एक्सपर्टाइज करते हैं तो ऐसे में तो दायरा व्यापक हो जाता है, हम सर्वधर्म समभाव की बात करते हैं इससे हमारे समाज में सर्वधर्म का ताना-बाना मजबूत होता है और यह देशहित में है.

अशोक गहलोत ने आगे कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के सीएम  और डिप्टी सीएम के संपर्क में हूँ. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय  में डॉ. फिरोज खान द्वारा संस्कृत पढ़ाने को लेकर जो विवाद बना हुआ है वह जल्द ही समाप्त किया जाना चाहिए, उत्तर प्रदेश के सीएम-डिप्टी सीएम को इस पर इंटरवीन करना चाहिए.

प्रियंका गांधी ने भी प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति का समर्थन करते हुए ट्वीट कर लिखा कि हमारी भाषाएं और संस्कृति हमारी विशेषता है, हमारी मजबूती है। संस्कृत भाषा में ही लिखा गया है, “सर्वे भवन्तु सुखिनः। सर्वे सन्तु निरामयाः.” इस भाषा में विशालता है। हमारे देश के संविधान में विशालता है। विश्वविद्यालय में संस्कृत कोई भी अध्यापक पढ़ा सकते हैं.

बता दें कि इससे पहले बीएसपी चीफ मायावती ने फिरोज खान की बीएचयू में नियुक्ति का समर्थन करते हुए ट्वीट कर लिखा कि बनारस हिंदू विवि में संस्कृत के टीचर के रूप में पीएचडी स्कालर फिरोज खान को लेकर विवाद पर शासन-प्रशासन का ढुलमुल रवैया ही मामले को बेवजह तूल दे रहा है. कुछ लोगों द्वारा शिक्षा को धर्म-जाति की अति-राजनीति से जोड़ने के कारण उपजे इस विवाद को कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता है.

गौरतलब है कि यूपी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में 7 नवंबर को असिस्टेंट प्रोफेसर फिरोज खान की नियुक्ति हुई थी. इसके बाद से ही डॉ.फिरोज खान अभी तक यूनिवर्सिटी में क्लास नहीं ले पा रहे हैं.

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *