Breaking News
Home / top / लुढ़कते GDP से ऐसे निपटेगी मोदी सरकार, जानिए क्या है वित्त मंत्री का अगला प्लान

लुढ़कते GDP से ऐसे निपटेगी मोदी सरकार, जानिए क्या है वित्त मंत्री का अगला प्लान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने दूसरी तिमाही में खराब GDP नतीजों के बाद कुछ नए ​प्रोजेक्ट और निवेश के बारे में जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि 15 दिसंबर तक इन प्रोजेक्ट्स के बारे में जानकारी दे दी जाएगी.

नई दिल्ली. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में खराब GDP आंकड़े सामने आने के बाद केंद्र सरकार (Central Government) अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए एक बार फिर कोशिशों में जुट गई है. इसी सिलसिले में केंद्र सरकार ने इस माह 100 लाख करोड़ रुपये (1.39 Trillion Dollar) के प्लान के बारे में जानकारी दी है. ये रकम अगले पांच साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के डेवलपमेंट (Development in Infrastructure Sector) के लिए खर्च किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharman) ने बीते शनिवार को इस संबंध में जानकारी दी है.

मनमोहन सिंह ने कहा- बड़े आर्थिक रिफॉर्म की जरूरत
वित्त मंत्री (Union Finance Minister) की तरफ से इस प्लान के बारे में जानकारी एक ऐसे समय पर आई है जब जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी आंकड़े (GDP) 4.5 फीसदी के स्तर पर रहने के बाद अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर दबाव बढ़ गया है. पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) ने भी कहा है कि आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार को कुछ बड़े रिफॉर्म लाने की जरूरत है.

15 दिसंबर तक 10 प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दे सकती है सरकार
मुंबई में एक बिजनेस समिट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा, ‘कुछ अधिकारी पाइपलाइन प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं. एक बार फंड जुटाने के बाद इन प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा.’ इस दौरान उन्होंने कहा कि अधिकारियों का काम लगभग पूरा हो चुका है. 15 दिसंबर से पहले हम कम से कम 10 ऐसे प्रोजेक्ट होंगे, जिनके बारे में हम जानकारी दे देंगे.

घरेलू खपत घटने से बढ़ी मुश्किलें बता दें कि बीते कुछ महीनों में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं. सरकारी फर्म्स के निजीकरण से लेकर कॉरपोरेट टैक्स में भारी कटौती भी इन मामलों में से एक है. हालांकि, आर्थव्यवस्था के कुछ मापदंडो से पता चलता है कि घरेलू खपत कम हो रही है. कई अर्थशास्त्रियों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है मौजूदा समय में सुस्ती अगले 2 साल तक के लिए जारी रह सकती है.

About admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *