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विराट के ‘राहुल’ बनेंगे ‘दादा’ के द्रविड़ !

वनडे सीरीज में विराट कोहली प्रयोग करते नजर आए हैं. एक प्रयोग टी-20 वर्ल्ड कप के मद्देनजर बेहद कारगार साबित हो सकता है और जिसका जिक्र खुद कोच रवि शास्त्री भी कर चुके हैं. वो प्रयोग है बतौर विकेटकीपर केएल राहुल का इस्तेमाल. ये खिलाड़ी सलामी बल्लेबाजी कर सकता है. ये खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर 140 के स्ट्राइक रेट से रन बना सकता है. ये खिलाड़ी किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी कर सकता है और सबसे जरूरी बात ये खिलाड़ी विकेटकीपिंग भी कर सकता है.

केएल राहुल, टीम के लिए वो तुरुप का इक्का हैं जो हर परिस्थिति में काम आ सकते हैं. अपनी बेहतरीन फॉर्म की वजह से राहुल टीम की जरूरत बन चुके हैं, फिर क्यों ना राहुल का इस्तेमाल टीम के लिए सबसे सही जगह पर किया जाए. केएल राहुल वो खिलाड़ी हैं जिनका इस्तेमाल बतौर विकेटकीपर भी हो सकता है. राहुल IPL में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते हुए विकेटकीपिंग कर चुके हैं और वो भी शानदार तरीके से.

खुद टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री केएल राहुल को बतौर विकेटकीपर एक विकल्प मानते हैं लेकिन सवाल ये है कि क्या राहुल विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर ऋषभ पंत या धोनी से बेहतर हैं? जवाब आंकड़ों में छुपा है. इस साल राहुल ने 11 वनडे में 39 की औसत से 393 रन बनाए. 1 शतक और 2 अर्धशतक के साथ. पंत ने इस साल 10 वनडे में 28 की औसत से 259 रन बनाए । 1 अर्धशतक पारी के साथ.

टी-20 में तो राहुल, ऋषभ पंत से कहीं आगे हैं. राहुल ने 9 मैच में 44 की औसत से 356 रन जोड़े. 142 का स्ट्राइक रेट और 4 अर्धशतक. पंत ने 16 मैच में महज 21 की औसत से 252 रन बनाए । 1 अर्धशतक के साथ. वहीं धोनी वर्ल्ड कप के बाद से टीम इंडिया के साथ नहीं है. उनकी वापसी पर भी सवाल है. अगर धोनी नहीं खेलते तो राहुल को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज आजमाने में कोई हर्ज नहीं है. क्योंकि पंत विकेटकीपर के तौर पर अबतक कुछ खास नहीं कर पाए हैं.

क्या फायदा मिलेगा ?
राहुल अगर विकेटकीपिंग करते हैं तो टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन में एक साथ तीन विकल्प खुल जाएंगे. विराट एक एक्सट्रा बल्लेबाज, ऑलराउंडर या गेंदबाज खिला सकते हैं. बल्लेबाजी में नंबर 3 पर मयंक अग्रवाल का इस्तेमाल किया जा सकता है. गेंदबाजी में चहल और कुलदीप को भी साथ खिलाने का विकल्प मिल जाएगा. ये सिर्फ एक मैच की बात नहीं है, वर्ल्ड कप में भी राहुल को विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर आजमाना टीम इंडिया के लिए अच्छा साबित हो सकता है.

विराट चलेंगे दादा की चाल
2003 वर्ल्ड कप में उस वक्त टीम इंडिया के कप्तान रहे सौरव गांगुली ने भी कुछ ऐसा ही किया था. गांगुली ने उस वक्त राहुल द्रविड़ को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज इस्तेमाल किया. द्रविड़ ने भी ये जिम्मेदारी बखूबी निभाई और पूरे वर्ल्ड कप के दौरान विकेटकीपिंग की. आपको याद दिला दें कि 2003 में टीम इंडिया ने फाइनल तक का सफर तय भी किया था जो ये साबित करता है कि दादा का प्रयोग सही था. अब विराट के लिए कुछ ऐसा ही रोल राहुल भी निभा सकते हैं. हालांकि इसके लिए अभी से ही राहुल को बतौर विकेटकीपर आजमाना होगा.

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