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नागरिकता कानूनः दिल्ली में जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शन, गोरखपुर में पत्थरबाजी

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को दिल्ली की जामा मस्जिद के बाहर हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐहतियातन यहां पर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है और ड्रोन से इसकी निगरानी की जा रही है। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर रावण जामा मस्जिद के बाहर प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद हैं। यहां से भीम आर्मी जंतर मंतर तक मार्च निकालना चाहती थी लेकिन उन्हें इसकी मंजूरी नहीं दी गई। वहीं, गोरखपुर में पुलिस और लोगों ने एक दूसरे पर पथराव किया तो फिर से लोग जामिया में जुट रहे हैं। यूपी के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है और 14 जिलों में इंटरनेट सेवा को सस्पेड कर दिया गया है। राजधानी दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है।

इससे पहले देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों- दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ, पटना, तिरुवनंतपुरम, और हैदराबाद- में कई स्थानों पर पुलिस की पर्याप्त उपस्थिति और धारा 144 लागू होने के बावजूद सड़कों पर प्रदर्शनकारियों को देखा गया। गुरुवार को इसी प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में एक और मंगलौर में 2 की मौत हो गई। देश के कई हिस्सों में धारा 144 लागू होने के साथ-साथ इंटरनेट बंद कर दिया गया।

अमित शाह के घर के बाहर महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर के बाहर प्रदर्शन कर रही कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके अलावा सीएए के समर्थन में लोग आज शाम 5 बजे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 7 पर इकट्ठे होंगे। वहीं, राजस्थान में सीएए को लागू करने के समर्थन में भाजपा भी प्रदर्शन करेगी।

चार मेट्रो स्टेशन बंद, सोशल मीडिया पर पुलिस की नजर

राजधानी दिल्ली में आज भी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए डीएमआरसी ने दिल्ली गेट, चावड़ी बाजार, लालकिला, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया  है। इससे पहले जामिया मिल्लिया इस्लामिया और जसोला विहार शाहीन बाग मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए थे जिसे बहाल कर दिया गया है। जबकि जामिया नगर में बवाल होने के बाद मार्ग 13A पर चल रहे धरने के कारण दिल्ली पुलिस ने नोएडा ट्रैफिक पुलिस से आज भी कालिंदी कुंज बोडर को डायवर्जन जारी रखने को कहा है। नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की दिल्ली और फरीदाबाद जाने के लिए डीएनडी ओर चिल्ला मार्ग के रास्ते जाएं। यह भी बताया जा रहा है कि शुक्रवार को नई दिल्ली जिले और कुछ और चुनिंदा पॉइंट्स को छोड़ते हुए बड़े इलाके में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में पुलिस का फ्लैगमार्च

इस दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है। उत्तर पूर्वी दिल्ली के 14 में से 12 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू है। इसी के साथ सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने यहां फ्लैगमार्च भी किया।

पूरे देश में विरोध प्रदर्शन के दौरान तीन की मौत

देश के कई शहरों में गुरुवार को निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करते हुए छात्रों समेत हजारों की संख्या में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किये। इस दौरान कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में हिंसा हुई जिनमें तीन लोगों की मौत हो गयी। देशभर में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया।

कर्नाटक के मंगलुरु में हिंसक प्रदर्शन को काबू करने लिए पुलिस की ओर से चलाई गई गोली में दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने मंगलुरु उत्तर पुलिस थाने पर कब्जा करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए गोलीबारी की गई। मृतकों की पहचान जलील कुदरोली (49) और नौशीन (23) के तौर पर की गई है। लखनऊ में भी गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

असम में इंटरनेट सेवाएं बहाल

असम में इंटरनेट सेवाओं को बहाल किया गया। आपको बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से असम में 11 दिसंबर से इंटरनेट सेवाएं बाधित थीं। असम के सीएम सर्बानंद सोनोवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन कानून से असम की संस्कृति, पहचान या लोगों को कोई खतरा नहीं है। कुछ लोग जनता को गुमराह कर रहे हैं।

यूपी के 14 जिलों में इंटरनेट बंद

यूपी में शुक्रवार को हापुड़ में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले दागे तो गाजियाबाद के केलाभट्टा इलाके में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।  भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। इससे पहले गुरुवार को कई शहरों में विरोध ने हिंसक रूप ले लिया। राजधानी लखनऊ के अलावा संभल में भी प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बसों, मीडिया वाहनों, प्राइवेट वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की। शुक्रवार को यूपी के 13 जिलों में इंटरनेट की सुविधा को बंद कर दिया है। संभल, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, लखनऊ, देवबंद, मऊ समेत कुछ अन्य जिलों में मोबाइल इंटरनेट बंद है। वहीं सीएम योगी ने देर रात अधिकारियों के साथ बैठक कर उपद्रवियों से सख्ती से निपटने का आदेश दिया है। लखनऊ में अगल बगल के जिलों से फोर्स मंगाई गई है। साथ ही प्रदेश के सभी संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा हिंसा और आगजनी में शामिल उपद्रवियों की संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है। बता दें कि गुरुवार को हुई हिंसा पर सूबे की सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि किसी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार उपद्रव करने वाले लोगों की पहचान कर उनकी संपत्ति नीलाम करेगी और इस पैसे से नुकसान की भरपाई होगी।

बेंगलुरु में आज भी धारा 144 लागू

कर्नाटक के बेंगलुरु में आज भी प्रदर्शन जारी है। एहतियात के तौर पर पुलिस की ओर से धारा 144 लगाई गई है। बता दें कि गुरुवार को भी कर्नाटक में काफी विवाद हुआ था। यहां मंगलौर में प्रदर्शन के दौरान दो की मौत भी गई थी।

पुलिसवालों को प्रदर्शनकारियों ने दिए गुलाब के फूल

ज्यादातर स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रदर्शनकारियों ने नए कानून पर अपना विरोध व्यक्त करने के लिए नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने जामिया मीलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया। कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दिल्ली में सुरक्षा बलों को गुलाब के फूल दिए और कहा कि पुलिस जितना चाहें उन्हे लाठी मार सकती है लेकिन उनका संदेश घृणा के बदले में प्यार है।

हिरासत में लिए गए कई नेता-बुद्धिजीवी, बाद में छोड़ा

संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों में निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन कर शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में वामपंथी नेताओं सीताराम येचुरी, डी राजा, नीलोत्पल बसु और बृंदा करात के अलावा इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

ममता बनर्जी ने की जनमत संग्रह की मांग

पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुए। हालांकि, यहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे। तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी प्रदर्शन हुए। कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि वह संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी पर संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह कराए और यदि वह व्यापक मत हासिल करने में नाकाम रहती है तो उसे सत्ता छोड़नी होगी। पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के एक समूह पर देसी बम फेंकने के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

क्या है सीएए?

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून  के अनुसार, 31 दिसंबर, 2014 तक अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन हेतु पात्र बनाने का प्रावधान है। विरोध करने वालों का कहना है कि धर्म के आधार पर नागरिकता देना संवैधानिक रूप से गलत है और विशेष वर्ग के खिलाफ सरकार की मानसिकता को प्रदर्शित करता है।