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सट्टेबाज चावला मामला : दुबई के मोबाइल नंबरों की रही अहम भूमिका, गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा

नई दिल्ली। क्रिकेट मैच फिक्सिंग मामले में दुबई के दो मोबाइल फोन नंबर अंडरवल्र्ड कनेक्शन की कुंजी के तौर पर सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गुरुवार को लंदन से लाए गए सट्टेबाज संजीव चावला से पूछताछ शुरू की है। ये मोबाइल नंबर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से संचालित अंडरवल्र्ड अपराधियों से जुड़े हुए हैं।

अंडरवल्र्ड के साथ संजीव चावला के संबंधों पर अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) की गोपनीय रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इन नंबरों में से एक का इस्तेमाल माफिया डॉन छोटा शकील के कथित सहयोगी शाहीन हैथली द्वारा किया जा रहा था। आईएएनएस द्वारा की गई समीक्षा में इसका पता चला है। दिल्ली पुलिस के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के तत्कालीन इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह ने कहा, हमारे पास शाहीन के लिए एक इनपुट था, जो जबरन वसूली के एक मामले में शामिल था।

शाहीन एक भारतीय मोबाइल फोन के जरिए चावला के साथ संपर्क में था। मैच फिक्सिंग रैकेट का खुलासा करने वाले ईश्वर सिंह ने कहा, हालांकि वर्षों तक न तो शाहीन और न ही चावला का पता लगाया जा सका। अब वह (संजीव चावला) क्राइम ब्रांच की हिरासत में है। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पाया कि यूएई का एक मोबाइल फोन नंबर शारजाह से इफ्तिखार अहमद नामक व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।

क्राइम ब्रांच द्वारा हालांकि इफ्तिखार की पहचान नहीं की जा सकी, क्योंकि 2000 में मैच फिक्सिंग मामले में शामिल सट्टेबाजी सिंडिकेट पर इनपुट अपर्याप्त थे। सूत्रों ने कहा कि संजीव चावला से पूछताछ शुरू होते ही शाहीन या इफ्तिखार की असली पहचान और लिंक का पता लगाया जा सकता है।

चावला कथित रूप से दुबई से संचालित एक सट्टेबाजी सिंडिकेट के लिए काम कर रहा था। दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त व 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दाऊद इब्राहिम के गिरोह पर मुकदमा दर्ज करने वाले नीरज कुमार ने कहा, मैच फिक्सिंग मामले में डी-कंपनी लिंक पर शक है। दाऊद के सट्टेबाजी सिंडिकेट के समर्थन के बिना इतने बड़े पैमाने पर मैच फिक्सिंग संभव नहीं है।

संजीव चावला पर तैयार डोजियर संकेत देता है कि अंतर्राष्ट्रीय सट्टेबाज एक भारतीय संगीत कंपनी बैरन की ओर से काम कर रहा था, जो शाहीन के संपर्क में था। पुलिस डोजियर से पता चलता है कि मैच फिक्सिंग मामले के दौरान, तत्कालीन दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोन्ये के साथ डी-कंपनी द्वारा चलाए जा रहे सट्टेबाजी सिंडिकेट का नेतृत्व शरद शेट्टी कर रहा था।

शरद शेट्टी 2000 की शुरुआत में भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन और यूएई में कार्यरत सभी शीर्ष सट्टेबाजी सिंडिकेट की बागडोर को नियंत्रित कर रहा था। हालांकि दिल्ली में मैच फिक्सिंग घोटाले का खुलासा होने के तीन साल बाद, डी-कंपनी के ऑपरेटर शरद शेट्टी की 2003 में दुबई में हत्या कर दी गई थी। यह हत्या कथित तौर पर छोटा राजन के सहयोगियों द्वारा की गई थी।

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