Breaking News
Home / top / ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने सोनिया, राहुल और कमलनाथ का नाम तक नहीं लिया पर हमला तगड़ा बोला

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने सोनिया, राहुल और कमलनाथ का नाम तक नहीं लिया पर हमला तगड़ा बोला

नई दिल्‍ली :  नई दिल्‍ली :  होली के दिन कांग्रेस छोड़ने वाले ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने बुधवार को भाजपा ज्‍वाइन कर लिया. बीजेपी ज्‍वाइन करने के बाद अपने संबोधन में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने न तो सोनिया गांधी का नाम लिया, न राहुल गांधी का और न ही कमलनाथ का, लेकिन कांग्रेस और उसकी नीतियों पर करारा प्रहार किया. बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होते हुए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने कहा, व्‍यक्‍ति के जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं, जो जीवन बदलकर रख देते हैं. मेरे जीवन में ऐसे दो दिन आए. 30 सितंबर 2001 को मैंने अपने पूज्‍य पिताजी को खोया. यह जीवन बदलने का दिवस था और उसी के साथ दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 को जीवन में नई परिकल्‍पना और नया मोड़ का सामना करके मैंने एक फैसला किया. मैंने सदैव माना कि हमारा लक्ष्य इस भारत में जनसेवा होना चाहिए. और राजनीति केवल उस लक्ष्य की पूर्ति करने का एक माध्‍यम होना चाहिए. उससे अधिक कुछ नहीं.

के दिन कांग्रेस छोड़ने वाले ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने बुधवार को भाजपा ज्‍वाइन कर लिया. बीजेपी ज्‍वाइन करने के बाद अपने संबोधन में ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने न तो सोनिया गांधी का नाम लिया, न राहुल गांधी का और न ही कमलनाथ का, लेकिन कांग्रेस और उसकी नीतियों पर करारा प्रहार किया. बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) की मौजूदगी में पार्टी में शामिल होते हुए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने कहा, व्‍यक्‍ति के जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं, जो जीवन बदलकर रख देते हैं. मेरे जीवन में ऐसे दो दिन आए. 30 सितंबर 2001 को मैंने अपने पूज्‍य पिताजी को खोया. यह जीवन बदलने का दिवस था और उसी के साथ दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 को जीवन में नई परिकल्‍पना और नया मोड़ का सामना करके मैंने एक फैसला किया. मैंने सदैव माना कि हमारा लक्ष्य इस भारत में जनसेवा होना चाहिए. और राजनीति केवल उस लक्ष्य की पूर्ति करने का एक माध्‍यम होना चाहिए. उससे अधिक कुछ नहीं.

उन्‍होंने कहा, प्राण प्रण के साथ मैंने जनता की सेवा की. फिर भी मन व्‍यथित है. आज जो हालात पैदा हुए हैं, जनसेवा के लक्ष्य की पूर्ति उस संगठन के माध्‍यम से नहीं हो पा रही थी. वह बोले, अभी जो हालात कांग्रेस की है, वो पहले वाली नहीं रही. वास्‍तविकता से इनकार करके इबारत लिखी जा रही है. जड़ता का एक बोध उत्‍पन्‍न हो गया है, किसी को सही तरीके से मान्‍यता न मिलना कांग्रेस का प्रारब्‍ध बन गया है.

ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने कहा, कांग्रेस के वचन पत्र में 10 दिन में लोनमाफी की बात कही गई थी, भत्‍ता देने की बात कही गई थी. उस पर कोई बात नहीं हो रही है. आज वहां ट्रांसफर उद्योग चल रहा है. किसानों पर दर्ज केस को वापस लेने की बात नहीं हो रही है. मूल्‍यों के आधार पर चलते हुए मैंने फैसला किया कि आज भारत माता और भारत को हमें प्रगति के पथ पर ले जाना है. मैं खुद का सौभाग्‍य मानता हूं कि पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री और बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने मुझे मंच उपलब्‍ध कराया.

पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने कहा, भारत उनके हाथों में सुरक्षित है. मैं आज जेपी नड्डाजी को धन्‍यवाद अर्पित करता हूं कि आज उन्‍होंने यह मंच प्रदान किया. उनके साथ हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दिखाए रास्‍ते पर गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्‍व में मुझे जनसेवा का अवसर मिलेगा.

About admin