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पाकिस्तान : जंग और जियो समूह के प्रधान संपादक की गिरफ्तारी पर 2 पूर्व प्रधानमंत्रियों ने उठाए सवाल

इस्लामाबाद। पाकिस्तान में जंग और जियो समूह के प्रधान संपादक (एडिटर इन चीफ) की गिरफ्तारी पर दो पूर्व प्रधानमंत्रियों ने सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) द्वारा देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के प्रधान संपादक की मनगढ़ंत आरोपों पर गिरफ्तारी के खिलाफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने शुक्रवार को नेशनल असेंबली में आवाज उठाई।

द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ पीएमएल-एन नेता शाहिद खाकान अब्बासी ने निचले सदन में कहा कि पाकिस्तान में सबसे बड़े मीडिया समूह के प्रधान संपादक को गिरफ्तार किया गया है, जो कि उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि क्या एनएबी कोई बदला लेने वाली संस्था है, जो इसके खिलाफ बोलने वाले को गिरफ्तार कर लेगी? अब्बासी ने कहा कि एनएबी के कार्यालयों के माध्यम से राजनीतिक उत्पीडऩ की परंपरा को समाप्त किया जाना चाहिए।

उन्होंने सदन में कहा कि अभी तक इस्लामाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले की स्याही भी नहीं सूखी है, जिसमें गिरफ्तारी की शर्तों का विवरण है और मीर शकील-उर-रहमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब्बासी के अलावा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने भी निचले सदन में दिए गए अपने भाषण में प्रधान संपादक की गिरफ्तारी की निंदा की।

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता अशरफ ने कहा कि जंग ग्रुप के मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी और वे एनएबी कार्यालय में जवाब देने के लिए आए थे, मगर उनके पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सवाल दागते हुए कहा कि आज प्रेस गैलरी खाली है। मीडिया विरोध कर रहा है। एक मीडिया हाउस के मालिक को किस आपातकाल की स्थिति में गिरफ्तार किया गया है?

उल्लेखनीय है कि एनएबी ने गुरुवार को 34 साल पहले सरकारी इकाई से अवैध रूप से खरीदी गई संपत्ति के संबंध में जंग और जियो मीडिया समूह के प्रधान संपादक को गिरफ्तार किया था। मीडिया समूह का कहना है कि 34 साल पहले उक्त संपत्ति एक निजी पक्ष से खरीदी गई थी और इसके सभी सबूत एनएबी को दिए भी गए थे। इसके अलावा शुल्क और कर जैसी सभी कानूनी आवश्यकताओं को भी पूरा किया गया था। मगर इसके बावजूद एजेंसी ने समूह के प्रधान संपादक को गिरफ्तार कर लिया।

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